ममता Vs CBI: सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद किसने क्या कहा, पढ़ें
पश्चिम बंगाल में सीबीआई की कार्रवाई को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद एक बार फिर आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है. जहां पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कोर्ट के फैसले को नैतिक जीत बताया, तो वहीं बीजेपी के नेता भी लगातार ममता पर निशाना साध रहे हैं. पढ़ें कोर्ट के फैसले के बाद किसने क्या कहा... कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा है कि सरकार स्वायत्त संस्थाओं में दखल देकर विपक्ष पर हमला बोल रही है. हम ऐसे ही तत्वों के खिलाफ लड़ रहे हैं. ये किसी एक व्यक्ति, अफसर या पार्टी को लेकर नहीं है, हम सरकार की स्वायत्त संस्थाओं को बदनाम करने की कोशिशों के खिलाफ लड़ रहे हैं. Mallikarjun Kharge, Congress: The govt is settling scores with opposition after interfering in autonomous bodies. We are fighting against those elements. It is not about an individual, an officer or a party, we are fighting against govt's attempt to discredit autonomous bodies. pic.twitter.com/h177v5o3fm — ANI (@ANI) February 5, 2019 वहीं ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए केंद्रीय मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने कहा कि हम पार्टी के आधार पर आज बड़ा सवाल पूछना चाहते हैं. लाखों छोटे निवेशकों के साथ धोखा किया गया और उनका पैसा लूटा गया. ममता बनर्जी इस पर चुप क्यों है और दूसरी पार्टियों ने भी इस पर चुप्पी क्यों साध रखी है. मामले में साजिश और मन लॉन्ड्रिंग के एंगल की जांच के आदेश सुप्रीम कोर्ट ने दिए थे. जांच निष्पक्ष होनी चाहिए. ये सीबीआई के लिए बड़ी नैतिक जीत है. Union Min RS Prasad: This order was given by SC to investigate the conspiracy angle & also money laundering angle. This investigation must be done in a fair manner. Let's not politicise it. This is a great moral victory for CBI. https://t.co/ddzBmQGCEv — ANI (@ANI) February 5, 2019 Union Min RS Prasad: Today we've to ask larger questions on behalf of the party. Lakhs of small investors were cheated&looted off their money. Is it not our moral obligation for an investigation? Why is Mamata ji silent on this? Why are the other political parties silent on this? pic.twitter.com/vOQmdEv8kb — ANI (@ANI) February 5, 2019 सीबीआई की कार्रवाई को लेकर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है. ममता का धर्मतल्ला के मेट्रो चैनल पर चल रहा धरना तीसरे दिन भी जारी है. उधर इस मामले में सीबीआई की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही है. चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने साफ-साफ कहा है कि कोलकाता पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार को सीबीआई के समक्ष पेश होना होगा. कोर्ट ने कहा है कि कोलकाता पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार तटस्थ स्थान (न्यूट्रल प्लेस) शिलॉन्ग में सीबीआई के समक्ष पेश होंगे. मामले की सुनवाई करते हुए सीजेआई गोगोई ने साफ कहा कि कोलकाता पुलिस कमिश्नर को सीबीआई के समक्ष पेश होना होगा लेकिन सीबीआई उन्हें गिरफ्तार नहीं करेगी. साथ ही सीजेआई ने पश्चिम बंगाल के डीजीपी से कोर्ट के अवमानना मामले में जवाब भी मांगा है. इसके साथ ही सीजेआई ने कहा है कि पुलिस कमिश्नर और राज्य के चीफ सेक्रेटरी भी अवमानना मामले में कोर्ट को जवाब दें. अब सुप्रीम कोर्ट में इस मामले की सुनवाई 20 फरवरी को होगी. सुप्रीम कोर्ट में सीबीआई की तरफ से अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल जिरह कर रहे थे. उन्होंने कहा कि इस मामले में जिस तरह की पेमेंट दी गई है वह संदेहास्पद है. उनका कहना है कि पेमेंट चेक से हुई हैं. सीबीआई ने इस मामले सुप्रीम कोर्ट में अतिरिक्त दस्तावेज सौंपे हैं. सीबीआई ने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट में वह और दस्तावेज जमा करना चाहते हैं लेकिन वे सीलबंद लिफाफे में इसे सौंपेंगे. सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि हम ममता बनर्जी सरकार की बातें सुनेंगे. कोर्ट ने आगे कहा कि कोलकाता पुलिस कमिश्न को सीबीआई के सामने पेश होना चाहिए, ताकि जांच एजेंसी पूछताछ कर सके. चीफ जस्टिस ने पूछा, क्यों राजीव कुमार को CBI के सामने नहीं आना चाहिए? सुप्रीम ने कहा, हमारे प्रस्तावित ऑर्डर में पश्चिम बंगाल की सरकार को क्या आपत्ति है? ममता बनर्जी सरकार की तरफ से अभिषेक मनु सिंघवी पैरवी कर रहे थे. सिंघवी ने कहा कि राजीव कुमार के खिलाफ एफआईआर क्यों नहीं हुआ. अभी तक तीन समन जारी किए गए थे. सीबीआई की तरफ से कोई फॉर्मल ऑर्डर नहीं आया था.
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