Breaking News

आम्रपाली ने 1 रुपए प्रति फीट के भाव बेचे फ्लैट्स, ड्राइवर को बना दिया कंपनी का डायरेक्टर

रियल एस्टेट कंपनी आम्रपाली ग्रुप से फ्लैट खरीदने वालों के साथ हुई धोखाधड़ी के मामले में अब एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त ऑडिटर्स ने बीते बुधवार को कोर्ट में बताया कि आम्रपाली ने 500 से अधिक लोगों के नाम पर केवल 1, 5 और 11 रुपए प्रति वर्ग फीट के हिसाब से पॉश फ्लैट बुक किए थे. टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के अनुसार ऑडिट में पता चला है कि ऑफिस बॉय, चपरासी और ड्राइवरों के नाम पर 23 कंपनियां बनाई गई थीं जिनके हिसाब से ये फर्जीवाड़ा किया गया. यह आम्रपाली कंसोर्टियम का हिस्सा थीं. उनका इस्तेमाल मकान खरीदने वालों के पैसे डायवर्ट करने के लिए किया गया था. 655 लोगों को नोटिस भेजे हैं जिनके नाम पर बेनामी फ्लैट बुक हुए थे फोरेंसिक ऑडिटर ने बताया कि 1500 फ्लैट मिट्टी के दाम पर बि‍ल्‍डर ने अपने जान पहचान के लोगों को दिए हैं. दो फॉरेंसिक ऑडिटर्स ने कोर्ट को बताया कि उन्होंने 655 ऐसे लोगों को नोटिस भेजे हैं जिनके नाम पर बेनामी फ्लैट बुक हुए थे लेकिन 122 ऐसी जगहों पर उस नाम का कोई नहीं मिला. ऑडिटर्स ने बताया कि बहुत सारे फ्लैट को बोगस बायर्स को दिया जिन्होंने 50 रुपए में फ्लैट बुक कराए हैं. जस्टिस अरुण मिश्रा और यूयू ललित की बेंच को सौंपी गई फॉरेंसिक ऑडिटर्स की अंतरिम रिपोर्ट में कहा गया है कि चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (सीएफओ) चंद्र वधवा के खाते में मार्च 2018 में 12 करोड़ रुपए मौजूद थे. कुछ अज्ञात लोगों को 4.75 करोड़ रुपए ट्रांसफर किए गए चंद्र वधवा ने उसमें से एक करोड़ रुपए पत्नी को ट्रांसफर किए थे. 26 अक्टूबर, 2018 को पहली बार सुप्रीम कोर्ट में पेशी से तीन दिन पहले कुछ अज्ञात लोगों को 4.75 करोड़ रुपए ट्रांसफर किए गए थे. इस पर बेंच ने कोर्ट में मौजूद वधवा की खिंचाई करते हुए उन्हें अदालत की अवमानना की चेतावनी भी दी. बेंच ने कहा, आप न्याय प्रक्रिया में बाधा डाल रहे हैं. आपको पता था कि कोर्ट आपसे सवाल पूछेगा इसलिए आपने उससे पहले पैसे ट्रांसफर कर दिए. हम सारे पैसे 7 दिन के अंदर वापस चाहते हैं. सुनवाई की अगली तारीख 24 जनवरी तय की गई कोर्ट ने फॉरेंसिक ऑडिटर्स से आयकर विभाग के ऑर्डर पेश करने को कहा जिसने 2013-14 में की गई जांच और जब्ती के दौरान आम्रपाली ग्रुप के सीएमडी अनिल शर्मा से एक करोड़ रुपए और डायरेक्टर शिव प्रिया से एक करोड़ रुपए के अलावा 200 करोड़ रुपए के बोगस बिल और वाउचर बरामद किए थे. सुप्रीम कोर्ट ने नोएडा और ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी से पूछा है कि उन लोगों की समस्‍या कैसे सुलझाई जाए, जो आम्रपाली के फ्लैट में रहते हैं, लेकिन रजिस्‍ट्री नहीं हुई है. इस मामले की सुनवाई की अगली तारीख 24 जनवरी तय की गई है.

from Latest News अभी अभी Firstpost Hindi http://bit.ly/2DfJ4Ao

No comments