Breaking News

Char Dham Yatra 2024: गंगोत्री और यमुनोत्री धाम में भक्तों की भारी भीड़, बढ़ाई जा रही सुविधाएं

गंगोत्री और यमुनोत्री धाम (Gangotri and Yamunotri Dham) में रविवार को दर्शन के लिए भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे. रविवार दोपहर दो बजे तक गंगोत्री धाम में करीब 10 हजार श्रद्धालु दर्शन कर चुके थे और विभिन्न स्थानों से करीब 28 हजार श्रद्धालु गंगोत्री धाम की ओर बढ़ रहे थे. यमुनोत्री धाम में भी रविवार दोपहर दो बजे तक 8,500 लोग दर्शन कर चुके थे और करीब 20 हजार लोग विभिन्न पड़ावों से यमुनोत्री मार्ग पर आगे बढ़ रहे थे.

गंगोत्री और यमुनोत्री धाम उत्तराखंड के उत्तरकाशी में स्थित हैं. चार धाम यात्रा इस साल 10 मई को शुरू हुई थी. हिंदू तीर्थयात्रा चार धाम सर्किट में चार स्थल शामिल हैं. इनके नाम हैं यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ. यमुना नदी का उद्गम उत्तराखंड में यमुनोत्री ग्लेशियर से होता है. हर साल गर्मियों के दौरान उत्तराखंड में चार धाम यात्रा के लिए तीर्थयात्रा का मौसम चरम पर होता है. बड़ी संख्या में तीर्थयात्रियों के आगमन को देखते हुए उत्तरकाशी जिला प्रशासन ने सतर्कता और सतर्कता बढ़ा दी है और यात्रा व्यवस्था से जुड़े सभी अधिकारियों को धामों और यात्रा मार्गों पर तैनात कर दिया है.

भारी भीड़ को देखते हुए यात्रा मार्गों और पड़ावों पर यात्री सुविधाएं बढ़ाई जा रही हैं और सुरक्षा व्यवस्था और यातायात संचालन को नियंत्रण में रखने के लिए सभी एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं.

रिकॉर्ड संख्या में तीर्थयात्रियों के आगमन के बावजूद यात्रा सुचारू और व्यवस्थित तरीके से संचालित हो रही है. वाहनों की आवाजाही भी व्यवस्थित तरीके से हो रही है.उत्तरकाशी जिला प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार, आज दोपहर 2 बजे तक 1100 वाहन और 9900 तीर्थयात्री गंगोत्री धाम में मौजूद थे. वहीं, दोपहर में यमुनोत्री धाम और उसके पैदल मार्ग पर भी करीब 8500 तीर्थयात्री मौजूद रहे. यमुनोत्री के अंतिम पड़ाव जानकीचट्टी-खरसाली में करीब 500 गाड़ियां और 4500 श्रद्धालु हैं.

दोनों धामों में रिकॉर्ड संख्या में तीर्थयात्रियों के आने की संभावना का आकलन करने के बाद प्रशासन ने यात्रा व्यवस्थाओं से जुड़े सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को अलर्ट कर दिया है और यात्रा मार्गों और धामों पर लगातार तैनात रहने के निर्देश जारी किए हैं.



from NDTV India - India https://ift.tt/QB8JSRw

No comments