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"दिल्ली के 7 लोकसभा क्षेत्रों में कांग्रेस का कोई पोस्टर नहीं..." : अरविंदर लवली का AAP पर निशाना 

दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष का पद छोड़ने वाले अरविंदर सिंह लवली ने उन अटकलों का जोरदार खंडन किया है कि वो पार्टी बदलने वाले हैं और भाजपा के इशारे पर काम कर रहे हैं. लवली ने कहा कि उन्होंने खुद अपना त्याग पत्र मीडिया में लीक नहीं किया है और ना ही पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा नहीं दिया है. कांग्रेस नेता ने कहा कि उन्होंने पद छोड़ दिया, क्योंकि वो लोगों को बर्खास्त करने के काम में पक्षपात महसूस करते थे.

अरविंदर सिंह लवली ने एनडीटीवी से एक विशेष साक्षात्कार में कहा, "मुझसे पीढ़ियों से कांग्रेस के प्रति वफादार रहे नेताओं को हटाने के लिए कहा जा रहा था. मैं ऐसा नहीं कर सका... एक पार्टी को असंतुष्ट लोगों तक पहुंचना चाहिए, न कि उन्हें और अलग करना चाहिए."

दिल्ली में लंबे समय से प्रतिद्वंद्वी अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी के साथ कांग्रेस के गठबंधन के बारे में लवली ने संकेत दिया कि इस गठबंधन के कारण कांग्रेस को अपनी ही जमीन गंवानी पड़ रही है. राष्ट्रीय राजधानी में सात सीटें साझा करने के समझौते के तहत, आप चार सीटों पर और कांग्रेस तीन सीटों पर चुनाव लड़ रही है. लेकिन दिल्ली की सात सीटों में से किसी में भी कांग्रेस नेताओं के पोस्टर नहीं लगे हैं. आप दिल्ली की जिन सीटों पर चुनाव लड़ रही है, वहां कांग्रेस के एक भी पोस्टर का इस्तेमाल नहीं कर रही है.

कांग्रेस दिल्ली में अन्ना हजारे और आप नेताओं के नेतृत्व में भ्रष्टाचार विरोधी अभियान के कारण सत्ता से बाहर हो गई थी. कड़े प्रतिरोध की वजह से 2019 लोकसभा चुनाव में विपक्ष की एकता का प्रयास नाकाम हो गया था, लेकिन इस बार संयुक्त मोर्चा बनाने के विपक्ष के आह्वान के साथ, दोनों दल दिल्ली में सीट साझा करने की योजना पर सहमत हुए हैं. हालांकि, पंजाब में दोनों पार्टियों ने एक-दूसरे के खिलाफ उम्मीदवार उतारे हैं. विपक्षी नेता मान रहे हैं कि अभी बीजेपी को हराने का यही एकमात्र तरीका है.

गिरफ्तारी के बाद अरविंद केजरीवाल के प्रति समर्थन जताने गए लवली ने आज कहा कि वो केवल पार्टी आलाकमान के आदेशों का पालन कर रहे थे. उन्होंने एनडीटीवी से कहा, "मैंने अब तक हमेशा आलाकमान की बात मानी है."

कांग्रेस प्रमुख मल्लिकार्जुन खरगे को लिखे अपने पत्र में, लवली ने भ्रष्टाचार के मामलों में आप के कई मंत्रियों को जेल भेजे जाने की ओर इशारा किया. इसके बावजूद कांग्रेस ने लोकसभा चुनाव के लिए अरविंद केजरीवाल की पार्टी के साथ गठबंधन किया. उन्होंने कहा कि दिल्ली कांग्रेस कार्यकर्ताओं के हितों की रक्षा करने में असमर्थ होने के कारण वो पद से इस्तीफा दे रहे हैं.
 



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