विपक्षी एकता को लेकर कांग्रेस की अगुवाई में हुई राजनीतिक दलों की बैठक, बदरुद्दीन अजमल की पार्टी को नहीं दिया न्योता
अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव में बीजेपी को चुनौती देने के लिए कांग्रेस की असम इकाई की अगुवाई में 11 राजनीतिक दलों की एक बैठक गुरुवार को गुवाहाटी में हुई. बैठक की मेजबानी करने वाली असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी (एपीसीसी) ने सभी समान विचारधारा वाली विपक्षी ताकतों से 2024 के आम चुनावों में बीजेपी को सत्ता से बेदखल करने के व्यापक लक्ष्य के हित में अपने मतभेदों को अलग करने का आग्रह किया.
हालांकि इस बैठक से बदरुद्दीन अजमल के नेतृत्व वाले ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (एआईयूडीएफ) को दूर रखा गया. बैठक में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और 10 अन्य विपक्षी दलों के प्रतिनिधि उपस्थित थे. सूत्रों के मुताबिक बैठक में लोकसभा चुनाव में बीजेपी को हराने की रणनीति पर चर्चा की गई.
बैठक में एआईसीसी (AICC) महासचिव जितेंद्र सिंह और असम कांग्रेस अध्यक्ष भूपेन कुमार बोरा भी मौजूद थे. असम कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि "बैठक में 11 राजनीतिक दल थे, कांग्रेस के अलावा, अन्य राजनीतिक दल जद (यू), राकांपा, रायजोर दल, राजद, टीएमसी, असम जातीय परिषद, CPI, CPI (M), CPI (ML) और जातीय दल असम थे. बैठक में कई मुद्दों पर चर्चा की गई और कुछ निर्णय भी लिए गए."
ये भी पढ़ें-
- "रेवड़ी कल्चर जनता को मूर्ख बनाने की कोशिश" : पीएम मोदी ने कांग्रेस पर साधा निशाना
- Chhattisgarh Naxal Attack : क्या टल सकता था दंतेवाड़ा हमला, मुख्य सड़क से जाने की चूक क्यों?
उन्होंने कहा कि बैठक में 11 राजनीतिक दलों की समन्वय समिति का गठन किया गया है. इसका नेतृत्व एपीसीसी (APCC ) अध्यक्ष करेंगे. कर्नाटक विधानसभा चुनाव होने के बाद सभी पार्टियां गुवाहाटी में एक बड़ी सार्वजनिक रैली के लिए एक साथ आएंगी. वहीं एआईयूडीएफ पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि ये सबसे अविश्वसनीय राजनीतिक दल है. इसलिए भविष्य में हम एआईयूडीएफ के साथ कोई समझौता नहीं करेंगे.
Video : टीबी मुक्त भारत अभियान के लिए हर महीने गुल्लक में जमा किए पैसे दान कर रही 8 साल की बच्ची
from NDTV India - India https://ift.tt/BOyz5YL
No comments