शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह में बीते वित्त वर्ष में बंपर उछाल, 18% की बढ़ोतरी के साथ 16.61 लाख करोड़ रुपये
बीते वित्त वर्ष 2022-23 में शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह संशोधित बजट अनुमान से अधिक यानी 16.61 लाख करोड़ रुपये रहा है. वित्त मंत्रालय ने सोमवार को वित्त वर्ष 2022-23 के लिए कर संग्रह के अस्थायी आंकड़े जारी करते हुए कहा कि हाल ही में समाप्त वित्त वर्ष में प्रत्यक्ष कर संग्रह 16.61 लाख करोड़ रुपये रहा है, जबकि इसका बजट अनुमान 14.20 लाख करोड़ रुपये था. बजट अनुमान को बाद में संशोधित कर 16.50 लाख करोड़ रुपये कर दिया गया था. इस तरह शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह संशोधित अनुमान से 0.69 प्रतिशत अधिक रहा.
वित्त वर्ष 2021-22 की तुलना में शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह 17.63 प्रतिशत बढ़ा है. एक साल पहले यह 14.12 लाख करोड़ रुपये था.
वित्त मंत्रालय के मुताबिक, वित्त वर्ष 2022-23 में सकल कॉरपोरेट कर संग्रह एक साल पहले की तुलना में 16.91 प्रतिशत बढ़कर 10.04 लाख करोड़ रुपये हो गया.
समाप्त वित्त वर्ष में सकल व्यक्तिगत आयकर संग्रह (एसटीटी समेत) 9.60 लाख करोड़ रुपये रहा. इस तरह इसमें वित्त वर्ष 2021-22 के 7.73 लाख करोड़ रुपये की तुलना में 24.23 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई है.
वित्त वर्ष 2022-23 में 3,07,352 करोड़ रुपये का रिफंड भी जारी किया गया जो एक साल पहले के 2,23,658 करोड़ रुपये की तुलना में 37.42 प्रतिशत अधिक है.
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