DP की DIARY (Part 4): जेब में ‘चवन्नी’ नहीं और इरादा ‘चीनी-मिल’ मालिक बनने का...!
‘यह किस्सा है 1960-65 के आसपास का. मेरी उम्र रही होगी 14-15 साल. मामा सुमेर सिंह के साथ रझैड़ा गांव (पहले यूपी का बक्सर अब सिंभावली इलाका) से सिंभावली चीनी मिल जाने पर मेरा दिल कुलांचें मारता कि, मैं भी ऐसी ही चीनी-मिल लगाऊं!'from Latest News अभी अभी Firstpost Hindi https://ift.tt/2Bvel1B
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