भगवान कृष्ण ने शरद पूर्णिमा की आधी रात को वृंदावन में 16000 गोपिकाओं के साथ किया था रास
इस महारास की खासियत थी कि हर गोपिका को कृष्ण के साथ नाचने का आभास था. उनका आनंद अटूट था. ‘निसदिन बरसत नैन हमारे. सदा रहत पावस ऋतु हम पर जब ते स्याम सिधारे.’from Latest News अभी अभी Firstpost Hindi https://ift.tt/2DHnlSH
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